Online Bible

- Advertisements -




ज़बूर 6:7 - किताब-ए मुक़द्दस

7 ग़म के मारे मेरी आँखें सूज गई हैं, मेरे मुख़ालिफ़ों के हमलों से वह ज़ाया होती जा रही हैं।

See the chapter Copy

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

7 मेरी आँख ग़म के मारे बैठी जाती हैं, और मेरे सब मुख़ालिफ़ों की वजह से धुंधलाने लगीं।

See the chapter Copy




ज़बूर 6:7

Follow us:

Advertisements


Advertisements