ज़बूर 5:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 ऐ रब, सुबह को तू मेरी आवाज़ सुनता है, सुबह को मैं तुझे सब कुछ तरतीब से पेश करके जवाब का इंतज़ार करने लगता हूँ। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ऐ ख़ुदावन्द तू सुबह को मेरी आवाज़ सुनेगा। मैं सवेरे ही तुझ से दुआ करके इन्तिज़ार करूँगा। See the chapter |