अम्सा 31:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 वह ताक़त और वक़ार से मुलब्बस रहती और हँसकर आनेवाले दिनों का सामना करती है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 'इज़्ज़त और हुर्मत उसकी पोशाक हैं, और वह आइंदा दिनों पर हँसती है। See the chapter |