अम्सा 31:23 - किताब-ए मुक़द्दस23 शहर के दरवाज़े में बैठे मुल्क के बुज़ुर्ग उसके शौहर से ख़ूब वाक़िफ़ हैं, और जब कभी कोई फ़ैसला करना हो तो वह भी शूरा में शरीक होता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201923 उसका शौहर फाटक में मशहूर है, जब वह मुल्क के बुज़ुगों के साथ बैठता है। See the chapter |