अम्सा 29:24 - किताब-ए मुक़द्दस24 जो चोर का साथी हो वह अपनी जान से नफ़रत रखता है। गो उससे हलफ़ उठवाया जाए कि चोरी के बारे में गवाही दे तो भी कुछ नहीं बताता बल्कि हलफ़ की लानत की ज़द में आ जाता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 जो कोई चोर का शरीक होता है, अपनी जान से दुश्मनी रखता है; वह हल्फ़ उठाता है और हाल बयान नहीं करता। See the chapter |