8 अहमक़ का एहतराम करना फ़लाख़न के साथ पत्थर बाँधने के बराबर है।
8 बेवक़ूफ़ की ता'ज़ीम करने वाला, गोया जवाहिर को पत्थरों के ढेर में रखता है।