अम्सा 2:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 मेरे बेटे, मेरी बात क़बूल करके मेरे अहकाम अपने दिल में महफ़ूज़ रख। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 ऐ मेरे बेटे, अगर तू मेरी बातों को क़ुबूल करे, और मेरे फ़रमान को निगाह में रख्खे, See the chapter |