अम्सा 17:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 जो ग़रीब का मज़ाक़ उड़ाए वह उसके ख़ालिक़ की तहक़ीर करता है, जो दूसरे की मुसीबत देखकर ख़ुश हो जाए वह सज़ा से नहीं बचेगा। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 गरीब पर हँसने वाला, उसके ख़ालिक की बेक़द्री करता है; और जो औरों की मुसीबत से ख़ुश होता है, बे सज़ा न छूटेगा। See the chapter |