अम्सा 16:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 इनसान अपने दिल में मनसूबे बाँधता रहता है, लेकिन रब ही मुक़र्रर करता है कि वह आख़िरकार किस राह पर चल पड़े। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 आदमी का दिल आपनी राह ठहराता है लेकिन ख़ुदावन्द उसके क़दमों की रहनुमाई करता है। See the chapter |