अम्सा 15:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 नरम ज़बान ज़िंदगी का दरख़्त है जबकि फ़रेबदेह ज़बान शिकस्तादिल कर देती है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 सिहत बख़्श ज़बान ज़िन्दगी का दरख़्त है, लेकिन उसकी कजगोई रूह की शिकस्तगी का ज़रिया है। See the chapter |