अम्सा 15:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 दानिशमंदों की ज़बान इल्मो-इरफ़ान फैलाती है जबकि अहमक़ का मुँह हमाक़त का ज़ोर से उबलनेवाला चश्मा है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 'अक़्लमंदों की ज़बान 'इल्म का दुरुस्त बयान करती है, लेकिन बेवक़ूफ़ का मुँह हिमाक़त उगलता है। See the chapter |