गिनती 6:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 इस दौरान मख़सूस शख़्स मुलाक़ात के ख़ैमे पर अपने मख़सूस किए गए सर को मुँडवाकर तमाम बाल सलामती की क़ुरबानी की आग में फेंके। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 फिर वह नज़ीर ख़ेमा — ए — इजितमा'अ के दरवाज़े पर अपनी नज़ारत के बाल मुण्डवाए, और नज़ारत के बालों को उस आग में डाल दे जो सलामती की क़ुर्बानी के नीचे होगी। See the chapter |