गिनती 6:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 इमाम इनमें से एक को गुनाह की क़ुरबानी के तौर पर चढ़ाए और दूसरे को भस्म होनेवाली क़ुरबानी के तौर पर। यों वह उसके लिए कफ़्फ़ारा देगा जो लाश के क़रीब होने से नापाक हो गया है। उसी दिन वह अपने सर को दुबारा मख़सूस करे See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 और काहिन एक को ख़ता की क़ुर्बानी के लिए और दूसरे को सोख़्तनी क़ुर्बानी के लिए पेश करे और उसके लिए कफ़्फ़ारा दे, क्यूँकि वह मुर्दे की वजह से गुनहगार ठहरा है; और उसके सिर को उसी दिन पाक करे। See the chapter |