गिनती 35:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 वहाँ वह इंतक़ाम लेनेवाले से पनाह ले सकेगा और जमात की अदालत के सामने खड़े होने से पहले मारा नहीं जा सकेगा। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 इन शहरों में तुम को इन्तक़ाम लेने वाले से पनाह मिलेगी, ताकि ख़ूनी जब तक वह फ़ैसले के लिए जमा'अत के आगे हाज़िर न हो तब तक मारा न जाए। See the chapter |