गिनती 11:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 लेकिन अब तो हमारी जान सूख गई है। यहाँ बस मन ही मन नज़र आता रहता है।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 लेकिन अब तो हमारी जान ख़ुश्क हो गई, यहाँ कोई चीज़ मयस्सर नहीं और मन के अलावा हम को और कुछ दिखाई नहीं देता। See the chapter |