नाहूम 2:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 अब रथ गलियों में से अंधा-धुंध गुज़र रहे हैं। चौकों में वह इधर उधर भाग रहे हैं। यों लग रहा है कि भड़कती मशालें या बादल की बिजलियाँ इधर उधर चमक रही हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 रथ सड़कों पर तुन्दी से दौड़ते, और मैदान में बेतहाशा जाते हैं; वह मशा'लों की तरह चमकते, और बिजली की तरह कोंदते हैं। See the chapter |