मरक़ुस 8:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 “मुझे इन लोगों पर तरस आता है। इन्हें मेरे साथ ठहरे तीन दिन हो चुके हैं और इनके पास खाने की कोई चीज़ नहीं है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 “मुझे इस भीड़ पर तरस आता है, क्यूँकि ये तीन दिन से बराबर मेरे साथ रही है और इनके पास कुछ खाने को नहीं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 “मुझे इन लोगों पर तरस आता है; क्यूंके ये तीन दिन से बराबर मेरे साथ हैं और उन के पास खाने को कुछ नहीं रहा। See the chapter |