मत्ती 27:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 जब यहूदा ने जिसने उसे दुश्मन के हवाले कर दिया था देखा कि उस पर सज़ाए-मौत का फ़तवा दे दिया गया है तो उसने पछताकर चाँदी के 30 सिक्के राहनुमा इमामों और क़ौम के बुज़ुर्गों को वापस कर दिए। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 जब उसके पकड़वाने वाले यहूदाह ने ये देखा, कि वो मुजरिम ठहराया गया, तो अफ़्सोस किया और वो तीस रुपऐ सरदार काहिन और बुज़ुर्गों के पास वापस लाकर कहा। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा3 जब हुज़ूर ईसा को पकड़वाने वाले यहूदाह ने, ये देखा के हुज़ूर ईसा को मुजरिम ठहराया गया है, तो बहुत पशेमान हुआ और अहम-काहिनों और बुज़ुर्गों के पास जा कर चांदी के उनतीस सिक्को को ये कहते हुए वापस कर दिया। See the chapter |