लूक़ा 9:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 जब दिन ढलने लगा तो बारह शागिर्दों ने पास आकर उससे कहा, “लोगों को रुख़सत कर दें ताकि वह इर्दगिर्द के देहातों और बस्तियों में जाकर रात ठहरने और खाने का बंदोबस्त कर सकें, क्योंकि इस वीरान जगह में कुछ नहीं मिलेगा।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 जब दिन ढलने लगा तो उन बारह ने आकर उससे कहा, “भीड़ को रुख़्सत कर के चारों तरफ़ के गाँव और बस्तियों में जा टिकें और खाने का इन्तिज़ाम करें।” क्यूँकि हम यहाँ वीरान जगह में हैं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा12 जब दिन ढलने लगा तो उन बारह रसूलों ने पास आकर आप से कहा, “इन लोगों को रुख़्सत कर दे ताके वह आस-पास के गांव और बस्तीयों में जा सकें और अपने खाने-पीने का इन्तिज़ाम करें, क्यूंके हम तो एक वीरान जगह में हैं।” See the chapter |