लूक़ा 2:32 - किताब-ए मुक़द्दस32 यह एक ऐसी रौशनी है जिससे ग़ैरयहूदियों की आँखें खुल जाएँगी और तेरी क़ौम इसराईल को जलाल हासिल होगा।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 ताकि ग़ैर क़ौमों को रौशनी देने वाला नूर और तेरी उम्मत इस्राईल का जलाल बने।” See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा32 वह ग़ैरयहूदियों के लिये मुकाशफ़े का नूर और तुम्हारी उम्मत इस्राईल का जलाल है।” See the chapter |