लूक़ा 10:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 सलामती के ऐसे घर में ठहरो और वह कुछ खाओ पियो जो तुमको दिया जाए, क्योंकि मज़दूर अपनी मज़दूरी का हक़दार है। मुख़्तलिफ़ घरों में घूमते न फिरो बल्कि एक ही घर में रहो। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 उसी घर में रहो और जो कुछ उनसे मिले खाओ — पीओ, क्यूँकि मज़दूर अपनी मज़दूरी का हक़दार है, घर घर न फिरो। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा7 उसी घर में ठहरे रहो, और जो कुछ उन से मिले घर वालों के साथ खाओ और पियो, क्यूंके मज़दूर अपनी मज़दूरी का हक़्दार है। घर बदलते न रहना। See the chapter |