अहबार 9:17 - किताब-ए मुक़द्दस17 उसने ग़ल्ला की नज़र पेश की और उसमें से मुट्ठी-भर क़ुरबानगाह पर जला दिया। यह ग़ल्ला की उस नज़र के अलावा थी जो सुबह को भस्म होनेवाली क़ुरबानी के साथ चढ़ाई गई थी। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 फिर नज़्र की क़ुर्बानी को आगे लाया, और उसमें से एक मुट्ठी लेकर सुबह की सोख़्तनी क़ुर्बानी के 'अलावा उसे जलाया। See the chapter |