अहबार 7:37 - किताब-ए मुक़द्दस37 ग़रज़ यह हिदायात तमाम क़ुरबानियों के बारे में हैं यानी भस्म होनेवाली क़ुरबानी, ग़ल्ला की नज़र, गुनाह की क़ुरबानी, क़ुसूर की क़ुरबानी, इमाम को मक़दिस में ख़िदमत के लिए मख़सूस करने की क़ुरबानी और सलामती की क़ुरबानी के बारे में। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201937 सोख़्तनी क़ुर्बानी, और नज़्र की क़ुर्बानी, और ख़ता की क़ुर्बानी, और जुर्म की क़ुर्बानी, और तख़्सीस और सलामती के ज़बीहे के बारे में शरा' यह है। See the chapter |