अहबार 5:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 हो सकता है कि किसी ने यों गुनाह किया कि उसने कोई जुर्म देखा या वह उसके बारे में कुछ जानता है। तो भी जब गवाहों को क़सम के लिए बुलाया जाता है तो वह गवाही देने के लिए सामने नहीं आता। इस सूरत में वह क़ुसूरवार ठहरता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 और अगर कोई इस तरह ख़ता करे कि वह गवाह हो और उसे क़सम दी जाए कि जैसे उसने कुछ देखा या उसे कुछ मा'लूम है, और वह न बताए, तो उसका गुनाह उसी के सिर लगेगा। See the chapter |