अहबार 27:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 इमाम उस की रक़म उस की अच्छी और बुरी सिफ़्तों का लिहाज़ करके मुक़र्रर करे। इस मुक़र्ररा क़ीमत में कमी बेशी नहीं हो सकती। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 और चाहे वह अच्छा हो या बुरा काहिन उसकी क़ीमत ठहराए और ऐ काहिन, जो कुछ तू उसका दाम ठहराएगा वही रहेगा। See the chapter |