अहबार 25:50 - किताब-ए मुक़द्दस50 इस सूरत में वह अपने मालिक से मिलकर वह साल गिने जो उसके ख़रीदने से लेकर अगले बहाली के साल तक बाक़ी हैं। उस की आज़ादी के पैसे उस क़ीमत पर मबनी हों जो मज़दूर को इतने सालों के लिए दिए जाते हैं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201950 वह अपने ख़रीदार के साथ अपने को फ़रोख़्त कर देने के साल से लेकर साल — ए — यूबली तक हिसाब करे और उसके बिकने की क़ीमत बरसों की ता'दाद के मुताबिक़ हो; या'नी उसका हिसाब मज़दूर के दिनों की तरह उसके साथ होगा। See the chapter |