अहबार 22:22 - किताब-ए मुक़द्दस22 रब को ऐसे जानवर पेश न करना जो अंधे हों, जिनके आज़ा टूटे या कटे हुए हों, जिनको रसौली हो या जिन्हें वबाई जिल्दी बीमारी लग गई हो। रब को उन्हें जलनेवाली क़ुरबानी के तौर पर क़ुरबानगाह पर पेश न करना। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201922 जो अन्धा या शिकस्ता — ए — 'उज़्व या लूला हो, जिसके रसौली या खुजली या पपड़ियाँ हों, ऐसों को ख़ुदावन्द के सामने न चढ़ाना और न मज़बह पर उनकी आतिशी क़ुर्बानी ख़ुदावन्द के सामने पेश करना। See the chapter |