अहबार 20:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 अगर जमात के लोग अपनी आँखें बंद करके ऐसे शख़्स की हरकतें नज़रंदाज़ करें और उसे सज़ाए-मौत न दें See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और अगर उस वक़्त जब वह अपनी औलाद में से किसी की मोलक की नज़्र करे, अहल — ए — मुल्क उस शख़्स की तरफ़ से चश्मपोशी कर के उसे जान से न मारें See the chapter |