Online Bible

- Advertisements -




अहबार 2:4 - किताब-ए मुक़द्दस

4 अगर यह क़ुरबानी तनूर में पकाई हुई रोटी हो तो उसमें ख़मीर न हो। इसकी दो क़िस्में हो सकती हैं, रोटियाँ जो बेहतरीन मैदे और तेल से बनी हुई हों और रोटियाँ जिन पर तेल लगाया गया हो।

See the chapter Copy

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

4 “और जब तू तनूर का पका हुआ नज़्र की क़ुर्बानी का हदिया लाए, तो वह तेल मिले हुए मैदे के बेख़मीरी गिरदे या तेल चुपड़ी हुई बेख़मीरी चपातियाँ हों।

See the chapter Copy




अहबार 2:4

Follow us:

Advertisements


Advertisements