Online Bible

- Advertisements -




अहबार 2:11 - किताब-ए मुक़द्दस

11 ग़ल्ला की जितनी नज़रें तुम रब को पेश करते हो उनमें ख़मीर न हो, क्योंकि लाज़िम है कि तुम रब को जलनेवाली क़ुरबानी पेश करते वक़्त न ख़मीर, न शहद जलाओ।

See the chapter Copy

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

11 कोई नज़्र की क़ुर्बानी जो तुम ख़ुदावन्द के सामने चढ़ाओ, वह ख़मीर मिला कर न बनाई जाए; तुम कभी आतिशी क़ुर्बानी के तौर पर ख़ुदावन्द के सामने ख़मीर या शहद न जलाना।

See the chapter Copy




अहबार 2:11

Follow us:

Advertisements


Advertisements