अहबार 18:30 - किताब-ए मुक़द्दस30 मेरे अहकाम के मुताबिक़ चलते रहो और ऐसे क़ाबिले-घिन रस्मो-रिवाज न अपनाना जो तुम्हारे आने से पहले रायज थे। इनसे अपने आपको नापाक न करना। मैं रब तुम्हारा ख़ुदा हूँ।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 इसलिए मेरी शरी'अत को मानना, और यह मकरूह रस्में जो तुमसे पहले अदा की जाती थीं, इनमें से किसी को 'अमल में न लाना और इन में फँस कर आलूदा न हो जाना। मैं ख़ुदावन्द तुम्हारा ख़ुदा हूँ।” See the chapter |