अहबार 13:55 - किताब-ए मुक़द्दस55 इसके बाद वह दुबारा उसका मुआयना करे। अगर वह मालूम करे कि फफूँदी तो फैली हुई नज़र नहीं आती लेकिन उसका रंग वैसे का वैसा है तो वह नापाक है। उसे जला देना, चाहे फफूँदी मुतअस्सिरा चीज़ के सामनेवाले हिस्से या पिछले हिस्से में लगी हो। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201955 और उस बला के धोए जाने के बाद काहिन फिर उसे मुलाहिज़ा करे, और अगर देखे कि उस बला का रंग नहीं बदला और वह फैली भी नहीं है, तो वह नापाक है। तू उस कपड़े को आग में जला देना; क्यूँकि वह खा जाने वाली बला है, चाहे उस का फ़साद अन्दरूनी हो या बैरूनी। See the chapter |