अहबार 1:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 अगर वह अपने गाय-बैलों में से भस्म होनेवाली क़ुरबानी चढ़ाना चाहे तो वह बेऐब बैल चुनकर उसे मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर पेश करे ताकि रब उसे क़बूल करे। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 अगर उसका चढ़ावा गाय — बैल की सोख़्तनी क़ुर्बानी हो, तो वह बे'ऐब नर को लाकर उसे ख़ेमा — ए — इजितमा'अ के दरवाज़े पर चढ़ाए ताकि वह ख़ुद ख़ुदावन्द के सामने मक़बूल ठहरे। See the chapter |