18 क्योंकि कोहे-सिय्यून तबाह हुआ है, लोमड़ियाँ उस की गलियों में फिरती हैं।
18 कोह — ए — सिय्यून की वीरानी के ज़रिए', उस पर गीदड़ फिरते हैं।