39 तो फिर इनसानों में से कौन अपने गुनाहों की सज़ा पाने पर शिकायत करे?
39 इसलिए आदमी जीते जी क्यूँ शिकायत करे, जब कि उसे गुनाहों की सज़ा मिलती हो?