19 मेरी तकलीफ़देह और बेवतन हालत का ख़याल कड़वे ज़हर की मानिंद है।
19 मेरे दुख का ख़्याल कर; मेरी मुसीबत, या'नी तल्ख़ी और नाग़दोने को याद कर।