यरमियाह 8:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 और जहाँ भी मैं इस शरीर क़ौम के बचे हुओं को मुंतशिर करूँगा वहाँ वह सब कहेंगे कि काश हम भी ज़िंदा न रहें बल्कि मर जाएँ।” यह रब्बुल-अफ़वाज का फ़रमान है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और वह सब लोग जो इस बुरे घराने में से बाक़ी बच रहेंगे, उन सब मकानों में जहाँ जहाँ मैं उनको हाँक दूँ, मौत को ज़िन्दगी से ज़्यादा चाहेंगे, रब्ब — उल — अफ़वाज फ़रमाता है। See the chapter |