यरमियाह 50:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 जो भी उनको पाते वह उन्हें पकड़कर खा जाते थे। उनके मुख़ालिफ़ कहते थे, ‘इसमें हमारा क्या क़ुसूर है? उन्होंने तो रब का गुनाह किया है, गो वह उनकी हक़ीक़ी चरागाह है और उनके बापदादा उस पर उम्मीद रखते थे।’ See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 सब जिन्होंने उनको पाया उनको निगल गए, और उनके दुश्मनों ने कहा, हम क़ुसूरवार नहीं हैं क्यूँकि उन्होंने ख़ुदावन्द का गुनाह किया है; वह ख़ुदावन्द जो सदाक़त का मस्कन और उनके बाप — दादा की उम्मीदगाह है। See the chapter |