यरमियाह 48:32 - किताब-ए मुक़द्दस32 ऐ सिबमाह की अंगूर की बेल, याज़ेर की निसबत मैं कहीं ज़्यादा तुझ पर मातम कर रहा हूँ। तेरी कोंपलें याज़ेर तक फैली हुई थीं बल्कि समुंदर को पार भी करती थीं। लेकिन अब तबाह करनेवाला दुश्मन तेरे पके हुए अंगूरों और मौसमे-गरमा के फल पर टूट पड़ा है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 ऐ सिबमाह की ताक, मैं या'ज़ेर के रोने से ज़्यादा तेरे लिए रोऊँगा; तेरी शाख़ें समन्दर तक फैल गईं, वह या'ज़ेर के समन्दर तक पहुँच गईं, ग़ारतगर तेरे ताबिस्तानी मेवों पर और तेरे अंगूरों पर आ पड़ा है See the chapter |