21 मैदाने-मुरतफ़ा पर अल्लाह की अदालत नाज़िल हुई है। हौलून, यहज़, मिफ़ात,
21 और कि सहरा की अतराफ़ पर, होलून पर, और यहसाह पर, और मिफ़'अत पर,