यरमियाह 48:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 अपनी जवानी से लेकर आज तक मोआब आरामो-सुकून की ज़िंदगी गुज़ारता आया है, उस मै की मानिंद जो कभी नहीं छेड़ी गई और कभी एक बरतन से दूसरे में उंडेली नहीं गई। इसलिए उसका मज़ा क़ायम और ज़ायक़ा बेहतरीन रहा है।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 मोआब बचपन ही से आराम से रहा है, और उसकी तलछट तहनशीन रही, न वह एक बर्तन से दूसरे में उँडेला गया और न ग़ुलामी में गया; इसलिए उसका मज़ा उसमें क़ाईम है और उसकी बू नहीं बदली। See the chapter |