यरमियाह 44:26 - किताब-ए मुक़द्दस26 लेकिन ऐ मिसर में रहनेवाले तमाम हमवतनो, रब के कलाम पर ध्यान दो! रब फ़रमाता है कि मेरे अज़ीम नाम की क़सम, आइंदा मिसर में तुममें से कोई मेरा नाम लेकर क़सम नहीं खाएगा, कोई नहीं कहेगा, ‘रब क़ादिरे-मुतलक़ की हयात की क़सम!’ See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 इसलिए ऐ तमाम बनी यहूदाह, जो मुल्क — ए — मिस्र में बसते हो, ख़ुदावन्द का कलाम सुनो; देखो, ख़ुदावन्द फ़रमाता है: मैंने अपने बुज़ुर्ग नाम की क़सम खाई है कि अब मेरा नाम यहूदाह के लोगों में तमाम मुल्क — ए — मिस्र में किसी के मुँह से न निकलेगा, कि वह कहें ज़िन्दा ख़ुदावन्द ख़ुदा की क़सम। See the chapter |