यरमियाह 44:18 - किताब-ए मुक़द्दस18 लेकिन जब से हम आसमानी मलिका को बख़ूर और मै की नज़रें पेश करने से बाज़ आए हैं उस वक़्त से हर लिहाज़ से हाजतमंद रहे हैं। उसी वक़्त से हम तलवार और काल की ज़द में आकर नेस्त हो रहे हैं।” See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 लेकिन जबसे हम ने आसमान की मलिका के लिए ख़ुशबू जलाना और तपावन तपाना छोड़ दिया, तब से हम हर चीज़ के मोहताज हैं, और तलवार और काल से फ़ना हो रहे हैं। See the chapter |