यरमियाह 35:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 उसने हमें यह हिदायत भी दी, ‘न मकान तामीर करना, न बीज बोना और न अंगूर का बाग़ लगाना। यह चीज़ें कभी भी तुम्हारी मिलकियत में शामिल न हों, क्योंकि लाज़िम है कि तुम हमेशा ख़ैमों में ज़िंदगी गुज़ारो। फिर तुम लंबे अरसे तक उस मुल्क में रहोगे जिसमें तुम मेहमान हो।’ See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और न घर बनाना, न बीज बोना, न ताकिस्तान लगाना, न उनके मालिक होना; बल्कि उम्र भर ख़ेमों में रहना ताकि जिस सरज़मीन में तुम मुसाफ़िर हो, तुम्हारी उम्र दराज़ हो। See the chapter |