यरमियाह 2:32 - किताब-ए मुक़द्दस32 क्या कुँवारी कभी अपने ज़ेवरात को भूल सकती है, या दुलहन अपना उरूसी लिबास? हरगिज़ नहीं! लेकिन मेरी क़ौम बेशुमार दिनों से मुझे भूल गई है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 क्या कुँवारी अपने ज़ेवर, या दुल्हन अपनी आराइश भूल सकती है? लेकिन मेरे लोग तो मुद्दत — ए — मदीद से मुझ को भूल गए। See the chapter |