क़ुज़ात 9:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 लेकिन ज़ैतून के दरख़्त ने जवाब दिया, ‘क्या मैं अपना तेल पैदा करने से बाज़ आऊँ जिसकी अल्लाह और इनसान इतनी क़दर करते हैं ताकि दरख़्तों पर हुकूमत करूँ? हरगिज़ नहीं!’ See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 तब जै़तून के दरख़्त ने उनसे कहा, 'क्या मैं अपनी चिकनाहट की, जिसके ज़रिए' मेरे वसीले से लोग ख़ुदा और इंसान की बड़ाई करते हैं, छोड़ कर दरख़्तों पर हुक्मरानी करने जाऊँ?' See the chapter |