याक़ूब 4:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 आप किसी चीज़ की ख़ाहिश रखते हैं, लेकिन उसे हासिल नहीं कर सकते। आप क़त्ल और हसद करते हैं, लेकिन जो कुछ आप चाहते हैं वह पा नहीं सकते। आप झगड़ते और लड़ते हैं। तो भी आपके पास कुछ नहीं है, क्योंकि आप अल्लाह से माँगते नहीं। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तुम ख़्वाहिश करते हो, और तुम्हें मिलता नहीं, ख़ून और हसद करते हो और कुछ हासिल नहीं कर सकते; तुम लड़ते और झगड़ते हो। तुम्हें इसलिए नहीं मिलता कि माँगते नहीं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा2 तुम किसी चीज़ की ख़ाहिश करते हो, मगर वह तुम्हें हासिल नहीं होती। इसलिये तुम ख़ून कर देते हो। जलन की वजह से तुम झगड़ते और लड़ते हो हसद करते हो क्यूंके तुम हासिल नहीं कर पाते हो। तुम्हें इसलिये नहीं मिलता क्यूंके तुम ख़ुदा से नहीं मांगते। See the chapter |