याक़ूब 3:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 या बादबानी जहाज़ की मिसाल लें। जितना भी बड़ा वह हो और जितनी भी तेज़ हवा चलती हो नाख़ुदा एक छोटी-सी पतवार के ज़रीए उसका रुख़ ठीक रखता है। यों ही वह उसे अपनी मरज़ी से चला लेता है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और जहाज़ भी अगरचे बड़े बड़े होते हैं और तेज़ हवाओं से चलाए जाते हैं तोभी एक निहायत छोटी सी पतवार के ज़रिए माँझी की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ घुमाए जाते हैं। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा4 या पानी जहाज़ की मिसाल लें। हालांके वो बड़े-बड़े होते हैं और तेज़ हवाओं से चलाये जाते हैं लेकिन एक निहायत ही छोटी सी पतवार के ज़रीये मांझी की मर्ज़ी के मुताबिक़ हर-सम्त में मोड़े जा सकते हैं। See the chapter |