याक़ूब 2:16 - किताब-ए मुक़द्दस16 यह देखकर आपमें से कोई उससे कहे, “अच्छा जी, ख़ुदा हाफ़िज़। गरम कपड़े पहनो और जी भरकर खाना खाओ।” लेकिन वह ख़ुद यह ज़रूरियात पूरी करने में मदद न करे। क्या इसका कोई फ़ायदा है? See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 और तुम में से कोई उन से कहे कि सलामती के साथ जाओ गर्म और सेर रहो मगर जो चीज़ें तन के लिए ज़रूरी हैं वो उन्हें न दे तो क्या फ़ाइदा। See the chapterउर्दू हमअस्र तरजुमा16 और तुम में से कोई उन्हें कहे, “सलामती के साथ सो जाओ, गर्म कपड़े पहनो और खाकर सेर रहो,” लेकिन उन्हें ज़िन्दगी की ज़रूरी चीज़ें न दे तो ख़ाली अल्फ़ाज़ से क्या फ़ायदा होगा? See the chapter |