वाइज़ 7:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 अहमक़ के क़हक़हे देगची तले चटख़नेवाले काँटों की आग की मानिंद हैं। यह भी बातिल ही है। See the chapterइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 जैसा हाँडी के नीचे काँटों का चटकना वैसा ही बेवकूफ़ का हँसना है; ये भी बेकार है। See the chapter |